शिव कुमार सिंह जिनके नाम पर यह विद्यालय है, एक ख्यात संगीतज्ञ थे। वे पखावज बजाते थे। उन्हे रागी, बागी एवं जोगी कहा जाता था। रागी -वे ध्रुपद भी गाते थे। उनके समय में प्रत्येक शनिवार सारण क्षेत्र के अनेक प्रसिद्ध संगीतज्ञ, गायक आते थे और गाने की महफ़िल जमती थी।
बागी -शिव कुमार सिंह एक कुशल घुड़सवार भी थे। वे सोनेपुर मेले से उम्दा घोड़े खरीदते थे। योगी -वे ध्यान पद्धति के भी ज्ञाता थे। वे अपने परोपकारी स्वभाव के लिए भी प्रसिद्ध थे। ऐसा कहा जाता है कि उनके द्वार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता था। वे सबको कुछ न कुछ ज़रूर देते थे।
फणीश सिंह उनके पड़पोते थे, जिन्होंने 3 दिसम्बर 2009 में इस महाविद्यालय का उद्घाटन किया था। श्री ओमप्रकाश तिवारी जो एक संगीत शिक्षक हैं इस संगीत महाविद्यालय के संचालक पद पर कार्यरत हैं। यह विद्यालय प्रयाग संगीत समिति के अंतर्गत संचालित होता है। यह विद्यालय शनिवार और एतवार को अपनी कक्षाएं संचालित करता है। यहाँ के 6 छात्र बिहार सरकार के स्कूलों में शिक्षक बहाल हुए हैं।
छात्र मंदीप कुमार शर्मा ने 2021 में एक राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता जीता और अब वे सरकारी स्कूल में प्रतिष्ठित शिक्षक हैं। फणीश सिंह के बाद अब उनके पुत्र संजीव कुमार इस महाविद्यालय की देख रेख करते हैं।



