महत्वपूर्ण स्थल

गांधी स्मृति

भारत को अंग्रेज़ी साम्राज्यवादी ताकतों से आज़ादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महात्मा गांधी की छवि आज भी सभी के दिल में श्रद्धा और प्यार से जीवित है।

नरेन्द्रपुर बाजार

यह बाज़ार पहले खुले में लगता था। इसका सांस्कृतिक महत्व था लेकिन धीरे धीरे यह स्थल बिना सुविधा के गंदगी एवं कुकृत्यों का अड्डा बन गया।

शहीद उमाकांत उच्च विद्यालय

इस विद्यालय के क्षेत्र में खुलने से पहले क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए दूर दूर तक जाना पड़ता था। जीरादेई सबसे नजदीकी क्षेत्र था जहाँ छात्र जाते थे।

सीताराम सिंह

परिवार, आज नरेन्द्रपुर गाँव के जिस घर में निवास करता है उसकी नींव सीताराम सिंह ने रखी थी। इन्होंने परिवार के अनेक घरों का निर्माण करवाया।

शिव कुमार सिंह

ये संगीत के बड़े जानकार और उपासक थे। नरेन्द्रपुर के अपने घर पर संगीत की महफिलें आयोजित करते थे।

पारसनाथ सिंह

ये क्षेत्रीय स्तर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी।

उमाकांत प्रसाद सिंह

11 अगस्त 1942 के दिन पटना सेक्रेटेरियट पर भारत का झण्डा फहराकर आंदोलन करने वाले छात्रों में नरेन्द्रपुर के उमाकांत सिंह भी थे।

डॉ फणीश सिंह

डॉ फणीश सिंह अपने गाँव नरेन्द्रपुर के विशिष्ट व्यक्ति थे। उनका जन्म  गाँव नरेन्द्रपुर में हुआ।