इस विद्यालय के क्षेत्र में खुलने से पहले क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए दूर दूर तक जाना पड़ता था। जीरादेई सबसे नजदीकी क्षेत्र था जहाँ छात्र जाते थे। पंचायत के अंतर्गत सिर्फ एक मध्य विद्यालय था।
इस समस्या के समाधान के लिए गाँव के दूरदर्शी लोगों शंभू प्रसाद सिंह एवं फणीश सिंह ने स्कूल खोलने का बीड़ा उठाया। फणीश सिंह के छोटे भाई मनीष सिंह ने भी सहायता की और 1994 में स्कूल की स्थापना हुई। आरंभिक दौर में स्कूल महेंद्र पब्लिक स्कूल जीरादेई के अंतर्गत खुला फिर 2004 में बिहार शिक्षा विभाग ने उसे स्वतंत्र मान्यता दे दी। आसपास के 6-7 पंचायतों के छात्र यहाँ पढ़ने आते हैं।



