1991 में, क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को ध्यान में रखते हुए, फणीश सिंह ने परिवार को सामूहिक पहल हेतु प्रेरित किया और गाँव के शिव मंदिर के समीप एक अस्पताल स्थापित करने का निर्णय लिया। यह पहला ढांचा वर्तमान संगीत महाविद्यालय के पास निर्मित किया गया।

इसके उपरांत, सरकारी योजना के अंतर्गत फणीश सिंह और मनीश प्रसाद सिंह ने अपनी निजी भूमि सरकार को दान कर अपनी माता के नाम पर रामकिशोरी देवी मेमोरियल अस्पताल की औपचारिक स्थापना की।

वर्तमान में अस्पताल में चौबीसों घंटे डॉक्टर और नर्स उपलब्ध रहते हैं, साथ ही एम्बुलेंस सेवा भी निरंतर संचालित है। अस्पताल के कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है, जिससे संचालन अधिक सुचारु और सेवा-उन्मुख बना रहता है।