नरेंद्रपुर के ऐतिहासिक शिव मंदिर के निकट, पारंपरिक कलाकारी से सुसज्जित कपड़ा बनाने की इकाई का नाम रंगकरघा है। यह इकाई महिलाओं को आजीविका के स्त्रोत भी उपलब्ध कराती है। यहाँ उपलब्ध स्थानीय संसाधनों से खादी टेक्स्चर की साड़ियाँ, कुर्तों के थान और अन्य कपड़े, पारंपरिक हथकरघा एवं चरखा पर तैयार होते है।
इस इकाई में दस हथकरघे हैं जिसमें से एक प्रशिक्षण के लिए उपयोग में लाया जाता है और अन्य नौ करघों पर उत्पादन हेतु नियमित काम चलता रहता है। स्थानीय अर्थव्यवस्था के उत्थान हेतु यह इकाई, क्षेत्र की महिलाओं को कताई – बुनाई का प्रशिक्षण देती है और फिर रोज़गार भी। इस तरह यह पारंपरिक हुनर को जीवित रखते हुए आजीविका के प्रबंध भी कर रही है।
रंगकरघा में तैयार कपड़े अनेक मंचों से विक्रय किए जाते हैं जिनमें प्रमुखतया सबरंगी बिहार की वेबसाईट है। इसके अतिरिक्त मेलों और प्रदर्शनियों में यहाँ तैयार किए गए कपड़ों के स्टॉल लगाए जाते हैं और उनकी बिक्री होती है।






