भारत को अंग्रेज़ी साम्राज्यवादी ताकतों से आज़ादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महात्मा गांधी की छवि आज भी सभी के दिल में श्रद्धा और प्यार से जीवित है। उनकी अहिंसा की नीति का पूरा विश्व सम्मान करता है और उसका अनुसरण करने को इच्छुक रहता है। इससे आज भी समावेशी मूल्य जीवित हैं।
आज़ादी की लड़ाई के दौरान गांधी जी नरेन्द्रपुर के बगल के गाँव जीरादेई आए थे और बाबू राजेन्द्र प्रसाद के घर पर ठहरे थे। राजेन्द्र प्रसाद बाद में आजाद भारत के पहले राष्ट्रपति बने। इससे गांधी जी को लेकर गाँव में सुंदर यादें है।
फणीश सिंह गाँव के विशिष्ट व्यक्ति थे। वे गाँधीवादी विचारधारा के समर्थक थे। उन्होंने शहीद उमाकांत उच्च विद्यालय में अक्टूबर 12, 2017 को गांधी जी को समर्पित एक स्मारक का निर्माण किया।



