श्यामधाता सिंह

ठेकेदारी के पेशे से जुड़े होने के बावजूद सांस्कृतिक गतिविधियों में गहरी रुचि रखते थे। विशेषकर नाटक और सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी की वजह से इनकी लोकप्रिय पहचान बनी।