ध्रुप सिंह
ये नरौनी परिवार के ऊर्जावान और प्रेरणादायी सदस्य थे। फुटबॉल के प्रति विशेष रुचि रखते थे और प्रायः गाँव के बाहर भी गोलकीपर की भूमिका में खेलते थे। गाँव में होने वाले नाट्य आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते थे — नाटक की टीम का चयन, पटकथा निर्माण एवं आयोजन में उनका विशेष योगदान रहता था। उनके प्रयासों से नाटकों के माध्यम से सामाजिक समरसता को प्रोत्साहन मिला। वे हँसमुख स्वभाव के थे और ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध हुए आंदोलनों में भी भागीदार रहे, विशेषकर समीपवर्ती गाँवों में आयोजित विरोध प्रदर्शनों में।